google.com, pub-5031399508792770, DIRECT, f08c47fec0942fa0 बील के फायदे भीं नुकसान भी सेवन करें संभलकर - Ayurveda And Gharelu Vaidya Happy Diwali 2018

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बील के फायदे भीं नुकसान भी सेवन करें संभलकर

गर्मी के मौसम में पेट और दिमाग को शांत रखना बेहद जरूरी है। इस मौसम में बील या बेल एक ऐसा ही फल है, जो अपने विशेष गुणों से गर्मी में राहत दे सकता है। आइए जानें बील के गुण-पीलिया में बील की कोपलों का पचास ग्राम रस, एक ग्राम पिसी काली मिर्च मिलाकर सुबह-शाम पिलाएं। आराम मिलेगा।

सौ ग्राम पानी में थोड़ा गूदा उबालें, ठंडा होने पर कुल्ले करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।
सिर दर्द में बील पत्र के रस से भीगी पट्टी माथे पर रखें। पुराना सर दर्द होने पर कुछ पत्तों का रस निकाल कर पी जाएं। गर्मियों में इसमें थोड़ा पानी मिला लें। कितना ही पुराना सिर दर्द हो आराम मिलने लगेगा।
मोच अथवा अंदरूनी चोट में बील पत्रों को पीस कर थोड़े गुड़ में पकाइए। इसे थोड़ा गर्म पुल्टिस बन पीडित अंग पर बांध दें। दिन में तीन-चार बार पुल्टिस बदलने पर आराम आ जाएगा।
पके बील में चिपचिपापन होता है इसलिए यह डायरिया रोग में काफी लाभप्रद है। यह फल पाचक होने के साथ-साथ बलवद्र्धक भी है। सभी फलों का औषधीय उपयोग है लेकिन विशेषज्ञ की राय से ही फल खाएं।
अल्सर और कब्ज के साथ पेचिश की समस्या में यह फायदेमंद है। पेट संबंधी समस्या के लिए इसके मुरब्बे का सेवन करें।
गर्मियों में लू लगने पर बील का शर्बत पीने से शीघ्र आराम मिलता है तथा तपते शरीर की गर्मी भी दूर होती है।
दिमाग और हृदय को शक्ति प्रदान करने के साथ पेट के रोगों में भी बेल को रामबाण माना गया है। यह एसिडिटी दूर करता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।

बील के दुष्प्रभाव भी हैं
पोषण संबंधी स्वास्थ्य लाभ और औषधीय लाभ होने के बावजूद, बेल खाने में कुछ सावधानी बरतने की आवश्यकता भी होती है क्योंकि इससे कुछ दुष्प्रभाव और नुकसान भी हो सकते हैं।
अत्यधिक खपत से पेट में दर्द, सूजन, पेट फूलना, पेट परेशान, कब्ज और अन्य पाचन विकार हो सकते हैं।
बिना किसी ब्रेक के लगातार रोज़ाना लेने पर आंतों को परेशान कर सकता है।
बील के पत्तों में टैनिन होते हैं, जो लंबे समय तक उपयोग करने पर कार्सिनजनिक प्रभाव डालते हैं और गर्भवती महिलाओं में गर्भपात कर सकते हैं।



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बील के फायदे भीं नुकसान भी सेवन करें संभलकर

गर्मी के मौसम में पेट और दिमाग को शांत रखना बेहद जरूरी है। इस मौसम में बील या बेल एक ऐसा ही फल है, जो अपने विशेष गुणों से गर्मी में राहत दे सकता है। आइए जानें बील के गुण-पीलिया में बील की कोपलों का पचास ग्राम रस, एक ग्राम पिसी काली मिर्च मिलाकर सुबह-शाम पिलाएं। आराम मिलेगा।

सौ ग्राम पानी में थोड़ा गूदा उबालें, ठंडा होने पर कुल्ले करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।
सिर दर्द में बील पत्र के रस से भीगी पट्टी माथे पर रखें। पुराना सर दर्द होने पर कुछ पत्तों का रस निकाल कर पी जाएं। गर्मियों में इसमें थोड़ा पानी मिला लें। कितना ही पुराना सिर दर्द हो आराम मिलने लगेगा।
मोच अथवा अंदरूनी चोट में बील पत्रों को पीस कर थोड़े गुड़ में पकाइए। इसे थोड़ा गर्म पुल्टिस बन पीडित अंग पर बांध दें। दिन में तीन-चार बार पुल्टिस बदलने पर आराम आ जाएगा।
पके बील में चिपचिपापन होता है इसलिए यह डायरिया रोग में काफी लाभप्रद है। यह फल पाचक होने के साथ-साथ बलवद्र्धक भी है। सभी फलों का औषधीय उपयोग है लेकिन विशेषज्ञ की राय से ही फल खाएं।
अल्सर और कब्ज के साथ पेचिश की समस्या में यह फायदेमंद है। पेट संबंधी समस्या के लिए इसके मुरब्बे का सेवन करें।
गर्मियों में लू लगने पर बील का शर्बत पीने से शीघ्र आराम मिलता है तथा तपते शरीर की गर्मी भी दूर होती है।
दिमाग और हृदय को शक्ति प्रदान करने के साथ पेट के रोगों में भी बेल को रामबाण माना गया है। यह एसिडिटी दूर करता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है।

बील के दुष्प्रभाव भी हैं
पोषण संबंधी स्वास्थ्य लाभ और औषधीय लाभ होने के बावजूद, बेल खाने में कुछ सावधानी बरतने की आवश्यकता भी होती है क्योंकि इससे कुछ दुष्प्रभाव और नुकसान भी हो सकते हैं।
अत्यधिक खपत से पेट में दर्द, सूजन, पेट फूलना, पेट परेशान, कब्ज और अन्य पाचन विकार हो सकते हैं।
बिना किसी ब्रेक के लगातार रोज़ाना लेने पर आंतों को परेशान कर सकता है।
बील के पत्तों में टैनिन होते हैं, जो लंबे समय तक उपयोग करने पर कार्सिनजनिक प्रभाव डालते हैं और गर्भवती महिलाओं में गर्भपात कर सकते हैं।

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