
Yoga and Mental Wellness: भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव (Stress) और चिंता (Anxiety) हमारे जीवन का अवांछित हिस्सा बन चुके हैं। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारा शरीर 'फाइट या फ्लाइट' (Fight or Flight) मोड में चला जाता है, जिससे कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन्स का स्तर बढ़ जाता है। योग कोई जादुई छड़ी नहीं है, बल्कि एक शुद्ध विज्ञान है जो हमारे तंत्रिका तंत्र (Nesting of Nervous System) पर सीधे काम करता है।ALSO READ: बहुत ज्यादा सोचते हैं (Overthinking)? दिमाग को शांत और खुश रखने के लिए रोज करें ये 7 आसान योगासन
यदि प्रतिदिन 20 से 30 मिनट योग के लिए निकाले जाएं, तो मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है। यही कारण है कि आज योग को स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन की कुंजी माना जाता है।
आइए वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके से समझते हैं कि योग इसे कैसे शांत करता है:
1. पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करना
जब हम चिंता में होते हैं, तो हमारा सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम (Sympathetic Nervous System) एक्टिव रहता है, जिससे दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ जाते हैं।
योग का असर: योग के धीमे आसन और गहरी सांसें हमारे पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम (Parasympathetic Nervous System) को सक्रिय कर देती हैं। इसे वैज्ञानिक भाषा में 'रेस्ट एंड डाइजेस्ट' (Rest and Digest) मोड कहते हैं। यह मोड एक्टिव होते ही दिल की धड़कन सामान्य होती है, मांसपेशियां ढीली पड़ती हैं और दिमाग को संदेश मिलता है कि—"सब कुछ सुरक्षित है, शांत हो जाओ।"
2. हैप्पी हार्मोन्स का स्राव (Brain Chemistry)
चिंता हमारे दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर के असंतुलन के कारण भी होती है। नियमित योग करने से मस्तिष्क के रसायनों में सकारात्मक बदलाव आता है:
GABA का बढ़ना: अध्ययनों से पता चला है कि योग करने से दिमाग में GABA (गामा-अमीनोब्यूटीरिक एसिड) नामक रसायन का स्तर बढ़ता है। यह रसायन दिमाग की अत्यधिक सक्रियता या घबराहट को शांत करने का काम करता है।
कोर्टिसोल में कमी: योग स्ट्रेस हार्मोन 'कोर्टिसोल' के स्तर को तेजी से घटाता है और 'एंडोर्फिन' व 'सेरोटोनिन' जैसे हैप्पी हार्मोन्स को बढ़ाता है, जो मूड को तुरंत बेहतर करते हैं।
3. प्राणायाम: सांसों पर नियंत्रण से विचारों पर नियंत्रण
हमारा दिमाग और हमारी सांसें आपस में गहराई से जुड़े हैं। जब आप डरे या चिंतित होते हैं, तो आपकी सांसें उथली और तेज हो जाती हैं।
अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायामों के जरिए जब हम जानबूझकर अपनी सांसों को धीमा और गहरा करते हैं, तो यह सीधे हमारे वेगस नर्व (Vagus Nerve) को उत्तेजित करता है। वेगस नर्व दिमाग को तुरंत शांत होने का सिग्नल भेजती है, जिससे विचारों का तूफान थम जाता है।
4. 'माइंडफुलनेस' और वर्तमान में जीना
चिंता का सीधा सा मतलब है- भविष्य की उन बातों को लेकर डरना जो अभी तक हुई ही नहीं हैं।
योग का अभ्यास करते समय आपका पूरा ध्यान इस बात पर होता है कि आपका शरीर इस वक्त किस मुद्रा में है या आप सांस कैसे ले रहे हैं। यह अभ्यास आपको अतीत के पछतावे और भविष्य की चिंता से खींचकर 'वर्तमान क्षण' यानी Present Moment में ले आता है। जब आप वर्तमान में होते हैं, तो चिंता अपने आप गायब हो जाती है।
तनाव दूर करने के लिए 3 सबसे प्रभावी योगासन
यदि आप मानसिक रूप से बहुत थका हुआ या चिंतित महसूस कर रहे हैं, तो ये तीन आसन तुरंत राहत देते हैं:
शवासन (Corpse Pose): पीठ के बल सीधे लेटकर शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ देना। यह मानसिक थकान को मिटाने का सबसे बेहतरीन आसन है।
बालासन (Childs Pose): घुटनों के बल बैठकर आगे की ओर झुकना। यह रीढ़ की हड्डी के तनाव को दूर करता है और दिमाग को शांत करता है।
उत्तानासन (Forward Bend): खड़े होकर आगे की ओर झुकना। इससे सिर की तरफ ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे मानसिक स्पष्टता आती है।
एक छोटा सा सुझाव: जब भी अगली बार आपको एंग्जायटी या पैनिक महसूस हो, तो बस एक शांत जगह पर बैठ जाएं और 5 सेकंड के लिए सांस अंदर लें, 5 सेकंड रोकें और 5 सेकंड में बाहर छोड़ें (Box Breathing)। आप पाएंगे कि योग का यह छोटा सा हिस्सा आपके दिमाग को कितनी जल्दी रीसेट कर देता है।
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