
summer health tips: नौतपा/ Heat Exhaustion या Heat Stress यह केवल वयस्कों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। इन उम्र के लोगों में शरीर की गर्मी सहन करने की क्षमता कम होती है और पानी की कमी या गर्मी के असर जल्दी दिखते हैं।ALSO READ: Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव
आइए यहां जानते हैं बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सावधानियां...
1. बच्चों के लिए विशेष सावधानियां
बच्चे अक्सर खेल-कूद में गर्मी और प्यास को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे वे जल्दी 'हीट स्ट्रोक' का शिकार हो जाते हैं।
बाहर जाने पर पाबंदी: दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच बच्चों को घर के अंदर ही रहने दें। उन्हें घर के भीतर खेले जाने वाले खेलों (In-door games) के लिए प्रोत्साहित करें।
हाइड्रेशन का ध्यान: बच्चों को हर एक घंटे में पानी, नींबू पानी या ताजे फलों का रस दें। छोटे बच्चों के मामले में ओआरएस (ORS) का घोल घर पर रखें।
हल्के और ढीले कपड़े: उन्हें केवल सूती और हल्के रंग के कपड़े पहनाएं जो पसीना सोख सकें। टाइट इलास्टिक या सिंथेटिक कपड़ों से बचें, क्योंकि इनसे घमौरियां हो सकती हैं।
आहार: उन्हें जंक फूड या अधिक मीठी चीजों के बजाय खीरा, तरबूज और दही दें। रात को सोने से पहले ठंडा दूध देना फायदेमंद होता है।
नहलाने का तरीका: दिन में दो बार ताजे पानी से नहलाएं। ध्यान रहें कि पानी न बहुत ठंडा और न ही गरम हो। बाहर से आते ही तुरंत न नहलाएं, शरीर का तापमान सामान्य होने दें।ALSO READ: Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां
2. बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां
बढ़ती उम्र के साथ शरीर की पसीना निकालने की क्षमता कम हो जाती है, जिससे बुजुर्गों को गर्मी का अहसास देर से होता है, जो खतरनाक हो सकता है।
नियमित चेकअप: गर्मी में ब्लड प्रेशर (BP) ऊपर-नीचे हो सकता है। यदि वे बीपी या शुगर की दवा ले रहे हैं, तो नियमित जांच करें।
तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स: बुजुर्गों को प्यास कम लगती है, इसलिए उन्हें याद दिलाकर पानी और तरल पदार्थ पिलाते रहें। नारियल पानी उनके लिए सबसे अच्छा है क्योंकि यह पोटेशियम और खनिजों की पूर्ति करता है।
हल्का व्यायाम: योग या व्यायाम केवल सुबह जल्दी या सूरज ढलने के बाद घर के अंदर ही करें।
अकेला न छोड़ें: अत्यधिक गर्मी के दौरान बुजुर्गों पर नजर रखें। यदि वे भ्रमित लगें, अधिक सुस्त हों या उन्हें बोलने में दिक्कत हो, तो यह 'हीट एग्जॉशन' के लक्षण हो सकते हैं।
दवाओं का भंडारण: सुनिश्चित करें कि उनकी दवाएं ठंडी और सूखी जगह पर रखी हों, क्योंकि अधिक गर्मी से दवाओं का असर कम हो सकता है।
इमरजेंसी के लिए 'रेड फ्लैग' लक्षण
यदि बच्चे या बुजुर्ग में निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
तेज बुखार (103°F से अधिक) लेकिन पसीना न आना।
लगातार उल्टियां होना।
बेहोशी या चक्कर आना।
मांसपेशियों में ऐंठन या तेज सिरदर्द।
छोटा सा सुझाव
नौतपा के दौरान अपने घर की खिड़कियों पर खस के पर्दे या मोटे पर्दे लगाएं और शाम को खिड़कियां खोलें ताकि ठंडी हवा अंदर आ सके। पक्षियों के लिए भी छत या बालकनी पर पानी रखना न भूलें।
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