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सीबकथोर्न फल के अन्य नाम: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिंदी भाषी क्षेत्रों में इसे स्थानीय स्तर पर 'अमेश' कहा जाता है। पारिक रूप से और बोलचाल की भाषा में इसे 'हिमालयन बेरी' के नाम से ही सबसे ज्यादा पहचाना जाता है। उत्तर भारत के कुछ पहाड़ी इलाकों में इसे 'धुर्चुक' भी कहते हैं। इसे हिंदी में समझने के लिए अक्सर "काँटेदार झाड़ी का फल" या "लद्दाख का सोना" के रूप में भी वर्णित किया जाता है।
1. सीबकथोर्न फल पोषक तत्वों का 'पावरहाउस'
ओमेगा: सीबकथोर्न दुनिया के उन चुनिंदा पौधों में से एक है जिसमें ओमेगा- 3, 6, 7 और 9- ये चारों फैटी एसिड एक साथ पाए जाते हैं।
विटामिन-C: इसमें संतरे से भी लगभग 12 से 15 गुना ज्यादा विटामिन-सी होता है।
एंटीऑक्सीडेंट्स: यह विटामिन-A, E और कई महत्वपूर्ण मिनरल्स से भरपूर होता है।
अन्य: एंटीऑक्सीडेंट्स, फ्लेवोनोइड्स, मिनरल्स, अमीनो एसिड।
2. सीबकथोर्न फल स्वास्थ्य के लिए प्रमुख फायदे
इम्यूनिटी बूस्टर: इसमें मौजूद भारी मात्रा में विटामिन-सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
त्वचा और बाल: यह झुर्रियों को कम करने, एक्जिमा जैसी बीमारियों को ठीक करने और बालों की चमक बढ़ाने के लिए वरदान माना जाता है।
हृदय और लिवर: यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने और हृदय की धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
डायबिटीज: यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में भी सहायक है।
पाचन: कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत देता है।
आँखों के लिए: इसमें मौजूद ओमेगा-7 आँखों के सूखेपन (Dry Eyes) की समस्या में राहत देता है।
मस्तिष्क और आंखें: याददाश्त और आंखों के स्वास्थ्य में सुधार करता है.
मेटाबॉलिज्म: वजन घटाने में मदद करता है।
3. सीबकथोर्न फल लद्दाख की पहचान: 'वंडर बेरी'
लद्दाख में इसे 'छरमा' के नाम से भी जाना जाता है। हाल ही में लद्दाख के सीबकथोर्न को GI Tag (भौगोलिक संकेत) भी मिला है, जो इसकी गुणवत्ता और विशिष्टता की पहचान है। यह पौधा -43°C से +40°C तक के तापमान को सहन कर सकता है।
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4. सीबकथोर्न फल का उपयोग कैसे करें?
बाजार में सीबकथोर्न कई रूपों में उपलब्ध है:
जूस/सिरप: इसे पानी में मिलाकर पिया जाता है।
तेल: स्किन केयर और जोड़ों के दर्द के लिए उपयोग होता है।
कैप्सूल/सप्लीमेंट: डॉक्टर की सलाह पर पोषण के लिए।
चाय: इसकी पत्तियों से बनी हर्बल टी काफी लोकप्रिय है।
पाउडर: गुनगुने पानी या अन्य पेय पदार्थों में मिलाकर।
5. सीबकथोर्न फल के सेवन की सावधानी:
हालांकि यह पूरी तरह प्राकृतिक है, लेकिन यदि आप किसी गंभीर बीमारी की दवा ले रहे हैं या गर्भवती हैं, तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। गर्भावस्था/स्तनपान: डॉक्टर से सलाह लें। सर्जरी से कम से कम 2 हफ्ते पहले इसका सेवन बंद कर दें। किसी अन्य दवा के साथ लेने से पहले डॉक्टर से पूछें।
6. सीबकथोर्न जूस (Sea Buckthorn Juice)
यह सबसे लोकप्रिय उत्पाद है क्योंकि यह शरीर को तुरंत ऊर्जा और विटामिन प्रदान करता है।
इस्तेमाल का तरीका: सुबह खाली पेट 20-30 मिलीलीटर जूस को एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर पिएं।
फायदा: यह पाचन तंत्र को ठीक करता है और शरीर को डिटॉक्स (गंदगी बाहर निकालना) करता है। स्वाद में यह काफी खट्टा होता है, इसलिए आप इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं।
7. सीबकथोर्न बेरी और सीड ऑयल (Berry & Seed Oil)
इसका तेल दो तरह से निकाला जाता है- फलों के गूदे से और बीजों से।
त्वचा के लिए: 2-3 बूंदें सीधे चेहरे पर लगाएं या अपने मॉइस्चराइजर में मिलाकर लगाएं। यह सनबर्न, घाव भरने और मुहासों के दाग मिटाने में जादुई काम करता है।
सेवन के लिए: इसके तेल की कुछ बूंदें दूध में डालकर या कैप्सूल के रूप में लेने से कोलेस्ट्रॉल और जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है।
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8. सीबकथोर्न फल हर्बल टी (Sea Buckthorn Tea)
इसकी पत्तियों और सूखे फलों से चाय तैयार की जाती है।
इस्तेमाल का तरीका: गर्म पानी में इसकी पत्तियों को 5 मिनट तक उबालें और छानकर पिएं।
फायदा: यह तनाव कम करने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद करती है।
9. सीबकथोर्न फल स्किन केयर उत्पाद (Cosmetics)
आजकल कई प्रीमियम ब्रांड सीबकथोर्न का उपयोग कर रहे हैं:
फेस सीरम: एंटी-एजिंग के लिए।
लिप बाम: फटे होठों को ठीक करने के लिए।
सनस्क्रीन: यूवी किरणों से सुरक्षा के लिए, क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से सूरज की रोशनी से लड़ने की क्षमता होती है।
10. सीबकथोर्न फल खरीदते समय ध्यान देने योग्य बातें:
शुद्धता: हमेशा ऐसा जूस या तेल चुनें जो Cold-Pressed हो और जिसमें अतिरिक्त चीनी या प्रिजर्वेटिव न हों।
रंग: असली सीबकथोर्न जूस या तेल का रंग गहरा नारंगी (Deep Orange) होता है।
लद्दाख का उत्पाद: यदि संभव हो, तो लद्दाख या हिमालयी क्षेत्रों के स्थानीय सहकारी समितियों (जैसे- लेह बेरी) से बने उत्पाद लें, क्योंकि वे सबसे शुद्ध होते हैं।
एक छोटी सी सलाह: इसके तेल का रंग बहुत गहरा होता है, इसलिए यदि आप इसे सीधे त्वचा पर लगाते हैं, तो यह हल्का पीला दाग छोड़ सकता है जो धोने पर निकल जाता है।
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