google.com, pub-5031399508792770, DIRECT, f08c47fec0942fa0 युवा महिलाओं में बढ़ रही हार्ट अटैक की बीमारी, ये करें उपाय - Ayurveda And Gharelu Vaidya Happy Diwali 2018

नए नुस्खे

Home Top Ad

Post Top Ad

युवा महिलाओं में बढ़ रही हार्ट अटैक की बीमारी, ये करें उपाय

हार्ट अटैक को पुरुषों की स्वस्थ्य संबंधी बीमारी माना जाता है। लेकिन एथेरोस्क्लेरोसिस रिस्क इन कम्युनिटीज सर्विलांस अध्ययन की इस रिपोर्ट के मुताबिक दिल के दौरे के लिए अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में 64 प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 71 प्रतिशत महिलाएं थीं। उत्तरी कैरोलिना स्कूल ऑफ मेडिसिन विश्वविद्यालय में कार्डियोलॉजी विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक और शोध की प्रमुख लेखक मेलिसा कॉघेई ने कहा कि महिलाओं में तनाव, उच्च रक्तचाप, खान-पान की समस्या, बिगड़ी हुई जीवनशैली और कमजोर आर्थिक परिस्थितियां इसके लिए जिम्मेदार हैं।

ये उपाय हैं कारगर:

डॉक्टर के संपर्क में रहें-
अगर आप को उच्च रक्तचाप, अवसाद, तनाव या मधुमेह जैसी अन्य कोई पुरानी या अनुवांशिक बीमारी का इतिहास है तो अपने डॉक्टर से नियमित संपर्क में रहें और जांच करवाएं।

योग-ध्यान में लगाएं मन-
विशेषज्ञों का कहना है कि ध्यान, माइंडफुलनेस का अभ्यास और तनाव को कम करने वाले योगासनों से हमारा मस्तिष्क खतरे के क्षेत्र से बाहर निकल आता है। इन गतिविधियों के दौरान तनाव देने वाले एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल हार्मोन की सक्रियता कम हो जाती है जो हमारी हृदय गति और रक्तचाप को कम करता है।

खुद को सक्रिय रखें-
जो लोग शारीरिक गतिविधि में संलग्न रहते हैं उनमें उच्च रक्तचाप की परेशानी कम होती है। व्यायाम से तनाव में राहत मिलती है। जब हम खुद को सक्रिय और व्यस्त रखते हैं तो हमारा शरीर उसी ऊर्जा का उपयोग कर रहा होता है जो हमारे दिमाग को तनाव देने वाले एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल हार्माेन बनाता है। इसलिए अगर हम अपने इन तनाव देने वाले हार्मोन को कम कर लेते हैं तो अपने रक्तचाप को भी नियंत्रित कर सकते हैं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3dFhNqx
युवा महिलाओं में बढ़ रही हार्ट अटैक की बीमारी, ये करें उपाय

हार्ट अटैक को पुरुषों की स्वस्थ्य संबंधी बीमारी माना जाता है। लेकिन एथेरोस्क्लेरोसिस रिस्क इन कम्युनिटीज सर्विलांस अध्ययन की इस रिपोर्ट के मुताबिक दिल के दौरे के लिए अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों में 64 प्रतिशत पुरुषों की तुलना में 71 प्रतिशत महिलाएं थीं। उत्तरी कैरोलिना स्कूल ऑफ मेडिसिन विश्वविद्यालय में कार्डियोलॉजी विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक और शोध की प्रमुख लेखक मेलिसा कॉघेई ने कहा कि महिलाओं में तनाव, उच्च रक्तचाप, खान-पान की समस्या, बिगड़ी हुई जीवनशैली और कमजोर आर्थिक परिस्थितियां इसके लिए जिम्मेदार हैं।

ये उपाय हैं कारगर:

डॉक्टर के संपर्क में रहें-
अगर आप को उच्च रक्तचाप, अवसाद, तनाव या मधुमेह जैसी अन्य कोई पुरानी या अनुवांशिक बीमारी का इतिहास है तो अपने डॉक्टर से नियमित संपर्क में रहें और जांच करवाएं।

योग-ध्यान में लगाएं मन-
विशेषज्ञों का कहना है कि ध्यान, माइंडफुलनेस का अभ्यास और तनाव को कम करने वाले योगासनों से हमारा मस्तिष्क खतरे के क्षेत्र से बाहर निकल आता है। इन गतिविधियों के दौरान तनाव देने वाले एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल हार्मोन की सक्रियता कम हो जाती है जो हमारी हृदय गति और रक्तचाप को कम करता है।

खुद को सक्रिय रखें-
जो लोग शारीरिक गतिविधि में संलग्न रहते हैं उनमें उच्च रक्तचाप की परेशानी कम होती है। व्यायाम से तनाव में राहत मिलती है। जब हम खुद को सक्रिय और व्यस्त रखते हैं तो हमारा शरीर उसी ऊर्जा का उपयोग कर रहा होता है जो हमारे दिमाग को तनाव देने वाले एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल हार्माेन बनाता है। इसलिए अगर हम अपने इन तनाव देने वाले हार्मोन को कम कर लेते हैं तो अपने रक्तचाप को भी नियंत्रित कर सकते हैं।

https://ift.tt/2Lp9SRX Patrika : India's Leading Hindi News Portal

Post Bottom Ad

Pages