कई लोग अक्सर मीठा खाने के बाद दांतों में दर्द की शिकायत करते हैं। ऐसा दांतों की सुरक्षा परत यानी इनेमल लेयर के हट जाने से होता है। जब यह परत घिस जाती है या खत्म हो जाती है, तो दांत संवेदनशील हो जाते हैं और दर्द होने लगता है।
कारण: दंत रोग विशेषज्ञ के अनुसार दांत साफ करने के लिए कठोर ब्रश के प्रयोग से, रगड़-रगड़ कर ब्रश करने, धूम्रपान करने और गुटखा खाने की वजह से दांतों की इनेमल लेयर हट जाती है या घिस जाती है। इसके अलावा कई बार दांतों में कैविटी की समस्या होने या दांत पीसने की आदत के कारण भी दांत सेंसिटिव हो जाते हैं।
ये भी जरूरी -
एंटी कैविटी टूथपेस्ट और एंटीसेंसिटिव टूथपेस्ट का प्रयोग करें। नमक व सरसों तेल से रोजाना दांत और मसूड़ों की हल्की मालिश करें। सेंसिटिविटी होने पर ज्यादा गर्म या ठंडी चीजें न खाएं। खट्टे फल जैसे अंगूर, संतरा, मौसमी या नींबू खाने या इनका जूस पीने के 20-25 मिनट के बाद ही कुछ खाएं।
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जानिए दांतों में क्यों होता है दर्द, क्या हैं इसके उपाय
कई लोग अक्सर मीठा खाने के बाद दांतों में दर्द की शिकायत करते हैं। ऐसा दांतों की सुरक्षा परत यानी इनेमल लेयर के हट जाने से होता है। जब यह परत घिस जाती है या खत्म हो जाती है, तो दांत संवेदनशील हो जाते हैं और दर्द होने लगता है।
कारण: दंत रोग विशेषज्ञ के अनुसार दांत साफ करने के लिए कठोर ब्रश के प्रयोग से, रगड़-रगड़ कर ब्रश करने, धूम्रपान करने और गुटखा खाने की वजह से दांतों की इनेमल लेयर हट जाती है या घिस जाती है। इसके अलावा कई बार दांतों में कैविटी की समस्या होने या दांत पीसने की आदत के कारण भी दांत सेंसिटिव हो जाते हैं।
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एंटी कैविटी टूथपेस्ट और एंटीसेंसिटिव टूथपेस्ट का प्रयोग करें। नमक व सरसों तेल से रोजाना दांत और मसूड़ों की हल्की मालिश करें। सेंसिटिविटी होने पर ज्यादा गर्म या ठंडी चीजें न खाएं। खट्टे फल जैसे अंगूर, संतरा, मौसमी या नींबू खाने या इनका जूस पीने के 20-25 मिनट के बाद ही कुछ खाएं।