सेहत जगत में हो रहे बदलावों को देखते हुए योग विशेषज्ञ भी योग की क्रियाओं व अभ्यास में नए तरीकों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसका एक उदाहरण चेयर सूर्य नमस्कार ( chair surya namaskar ) है।अाइए जानते हैं इसके बारे में :-
कमर और पैर में दर्द हो तो ये करें
आमतौर पर होने वाले सूर्य नमस्कार ( Surya Namaskar ) में खड़े होकर 12 अलग-अलग मुद्राएं बनाई जाती हैं जिससे शरीर खासकर कमर में लचीलापन आता है। लेकिन जिन्हेंं कमर व पैरों में दर्द रहता है उनके लिए चेयर सूर्य नमस्कार फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए व्यक्ति को एक आरामदायक और बिना हत्थे वाली कुर्सी पर बैठकर सूर्य नमस्कार करना होता है। किसी भी उम्र का व्यक्ति इसे कर सकता है।
ऐसे करें अभ्यास
बिना हत्थे वाली ऐसी कुर्सी जिसपर बैठकर पैरों के तलवे आसानी से जमीन पर टिक जाएं, इस पर कमर टिकाकर बैठें। इसके बाद 12 मुद्राओं के तहत पहले नमस्कार की स्थिति में हाथों को आपस में मिलाएं। फिर हाथों को क्षमतानुसार सिर के ऊपर पीछे की ओर ले जाएं। हाथों को नीचे लाकर जांघों पर रखें। पहले बाएं पैर को तीन सेकंड के लिए सामने की ओर सीधा करने के बाद जमीन पर टिकाएं फिर दाएं पैर से भी इसे दोहराएं। कमर झुकाकर दोनों हथेलियों को जमीन पर लगाएं। पहले बाएं हाथ को आसमान की ओर सीधे ऊपर ले जाएं और नीचे लाएं। ऐसा दाएं हाथ से भी करें। सांस भरते हुए कमर सीधी करें और दोनों हाथों को नमस्ते की मुद्रा में लाते हुए सिर के ऊपर पीछे की ओर ले जाएं। प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
सावधानी: इसे जल्दबाजी और झटके से न करें।
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चेयर सूर्य नमस्कार से कमर और पैर में दर्द की तकलीफ हाेती है दूर
सेहत जगत में हो रहे बदलावों को देखते हुए योग विशेषज्ञ भी योग की क्रियाओं व अभ्यास में नए तरीकों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इसका एक उदाहरण चेयर सूर्य नमस्कार ( chair surya namaskar ) है।अाइए जानते हैं इसके बारे में :-
कमर और पैर में दर्द हो तो ये करें
आमतौर पर होने वाले सूर्य नमस्कार ( Surya Namaskar ) में खड़े होकर 12 अलग-अलग मुद्राएं बनाई जाती हैं जिससे शरीर खासकर कमर में लचीलापन आता है। लेकिन जिन्हेंं कमर व पैरों में दर्द रहता है उनके लिए चेयर सूर्य नमस्कार फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए व्यक्ति को एक आरामदायक और बिना हत्थे वाली कुर्सी पर बैठकर सूर्य नमस्कार करना होता है। किसी भी उम्र का व्यक्ति इसे कर सकता है।
ऐसे करें अभ्यास
बिना हत्थे वाली ऐसी कुर्सी जिसपर बैठकर पैरों के तलवे आसानी से जमीन पर टिक जाएं, इस पर कमर टिकाकर बैठें। इसके बाद 12 मुद्राओं के तहत पहले नमस्कार की स्थिति में हाथों को आपस में मिलाएं। फिर हाथों को क्षमतानुसार सिर के ऊपर पीछे की ओर ले जाएं। हाथों को नीचे लाकर जांघों पर रखें। पहले बाएं पैर को तीन सेकंड के लिए सामने की ओर सीधा करने के बाद जमीन पर टिकाएं फिर दाएं पैर से भी इसे दोहराएं। कमर झुकाकर दोनों हथेलियों को जमीन पर लगाएं। पहले बाएं हाथ को आसमान की ओर सीधे ऊपर ले जाएं और नीचे लाएं। ऐसा दाएं हाथ से भी करें। सांस भरते हुए कमर सीधी करें और दोनों हाथों को नमस्ते की मुद्रा में लाते हुए सिर के ऊपर पीछे की ओर ले जाएं। प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
सावधानी: इसे जल्दबाजी और झटके से न करें।
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