google.com, pub-5031399508792770, DIRECT, f08c47fec0942fa0 अगर आपको भी सोकर उठने के बाद थकान रहती है तो जानें इसके बारे में - Ayurveda And Gharelu Vaidya Happy Diwali 2018

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अगर आपको भी सोकर उठने के बाद थकान रहती है तो जानें इसके बारे में

बिगड़ी लाइफस्टाइल और अधिक फास्ट फूड खाना लोगों में कई बीमारियों का कारण बन रहा है। इनमें से एक है टैट सिंड्रोम। इसका मरीज हमेशा थकान व सिरदर्द महसूस करता है। अगर ऐसे लक्षण दिखें तो सतर्क हो जाइए और डॉक्टर को दिखाइए। इससे पीडि़त व्यक्ति की दिनचर्या प्रभावित होने लगती है।

हर दस में एक व्यक्ति इस सिंड्रोम से पीड़ित -
कई शोधों मे कहा गया है कि हर दस में से एक व्यक्ति टैट सिंड्रोम से परेशान है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इस बीमारी से अधिक प्रभावित हैं। इसका कारण घर और बाहर दोनों में तालमेल बिठाने में आने वाली दिक्कतें हैं। इसका मरीज हमेशा थकान महसूस करता है। इसके अन्य लक्षणों में बिस्तर से उठने का मन न करना, मांसपेशियों में दर्द रहना, कमजोरी और हमेशा सिरदर्द व बुखार की शिकायत रहना है।

पर्याप्त नींद सेआराम -
इस बीमारी का मुख्य कारण पर्याप्त समय नींद न लेना है। डॉक्टरों का कहना है कि किसी को भी कम से कम आठ घंटे की अच्छी और गहरी नींद लेना जरूरी है। अगर आप कामकाजी हैं और इलाज के बाद भी बीमारी मेें आराम नहीं मिल रहा है तो बेहतर होगा कि आप छुट्टी लेकर अच्छे से रिलेक्स करें। नियमित दिनचर्या का पालन करें जो आपके तन-मन को सुकून और आराम दे सके।

ये हैं कारण -
टैट सिंड्रोम जीवनशैली और खानपान से जुड़ी बीमारी है। इसके अलावा अन्य बीमारियां जैसे एनीमिया, थायरॉयड और दिल से जुड़े रोग भी इसके कारण हो सकते हैं। महिलाओं में गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान भी यह समस्या देखने को मिलती है। घर का बदलना, पारिवारिक समस्याओं से पैदा होने वाला तनाव व अधिक दबाव वाली स्थिति से भी यह बीमारी हो सकती है।

ऐसे करें बचाव -
नियमित आठ घंटे की गहरी नींद जरूर लें।
खूब पानी पीएं, डाइट में पर्याप्त प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट लें।
फिजिकल एक्टिीविटी ज्यादा से ज्यादाकरें। इससे राहत मिलती है।
नियमित 30 मिनट व्यायाम करें। इससे शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। 10 मिनट ध्यान लगाना भी ठीक रहता है।
कैफीन जैसे चाय, कॉफी आदि से परहेज करें।
मसाज, योग, स्ट्रेचिंग आदि एक्सरसाइज पहली बार कर रहे हैं तो एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें।
रात में सोने से पहले मोबाइल फोन व अन्य ऐसे गैजेट्स का कम इस्तेमाल करें। नींद बाधित होती है।

वैकल्पिक चिकित्सा भी उपाय -
इस बीमारी में एक्यूपंक्चर, कीरोप्रेक्ट्सि से देखभाल, योग, स्ट्रेचिंग या आत्म सम्मोहन पद्धति से भी इलाज करवाना फायदेमंद हो सकता है।



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अगर आपको भी सोकर उठने के बाद थकान रहती है तो जानें इसके बारे में

बिगड़ी लाइफस्टाइल और अधिक फास्ट फूड खाना लोगों में कई बीमारियों का कारण बन रहा है। इनमें से एक है टैट सिंड्रोम। इसका मरीज हमेशा थकान व सिरदर्द महसूस करता है। अगर ऐसे लक्षण दिखें तो सतर्क हो जाइए और डॉक्टर को दिखाइए। इससे पीडि़त व्यक्ति की दिनचर्या प्रभावित होने लगती है।

हर दस में एक व्यक्ति इस सिंड्रोम से पीड़ित -
कई शोधों मे कहा गया है कि हर दस में से एक व्यक्ति टैट सिंड्रोम से परेशान है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं इस बीमारी से अधिक प्रभावित हैं। इसका कारण घर और बाहर दोनों में तालमेल बिठाने में आने वाली दिक्कतें हैं। इसका मरीज हमेशा थकान महसूस करता है। इसके अन्य लक्षणों में बिस्तर से उठने का मन न करना, मांसपेशियों में दर्द रहना, कमजोरी और हमेशा सिरदर्द व बुखार की शिकायत रहना है।

पर्याप्त नींद सेआराम -
इस बीमारी का मुख्य कारण पर्याप्त समय नींद न लेना है। डॉक्टरों का कहना है कि किसी को भी कम से कम आठ घंटे की अच्छी और गहरी नींद लेना जरूरी है। अगर आप कामकाजी हैं और इलाज के बाद भी बीमारी मेें आराम नहीं मिल रहा है तो बेहतर होगा कि आप छुट्टी लेकर अच्छे से रिलेक्स करें। नियमित दिनचर्या का पालन करें जो आपके तन-मन को सुकून और आराम दे सके।

ये हैं कारण -
टैट सिंड्रोम जीवनशैली और खानपान से जुड़ी बीमारी है। इसके अलावा अन्य बीमारियां जैसे एनीमिया, थायरॉयड और दिल से जुड़े रोग भी इसके कारण हो सकते हैं। महिलाओं में गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान भी यह समस्या देखने को मिलती है। घर का बदलना, पारिवारिक समस्याओं से पैदा होने वाला तनाव व अधिक दबाव वाली स्थिति से भी यह बीमारी हो सकती है।

ऐसे करें बचाव -
नियमित आठ घंटे की गहरी नींद जरूर लें।
खूब पानी पीएं, डाइट में पर्याप्त प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट लें।
फिजिकल एक्टिीविटी ज्यादा से ज्यादाकरें। इससे राहत मिलती है।
नियमित 30 मिनट व्यायाम करें। इससे शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। 10 मिनट ध्यान लगाना भी ठीक रहता है।
कैफीन जैसे चाय, कॉफी आदि से परहेज करें।
मसाज, योग, स्ट्रेचिंग आदि एक्सरसाइज पहली बार कर रहे हैं तो एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें।
रात में सोने से पहले मोबाइल फोन व अन्य ऐसे गैजेट्स का कम इस्तेमाल करें। नींद बाधित होती है।

वैकल्पिक चिकित्सा भी उपाय -
इस बीमारी में एक्यूपंक्चर, कीरोप्रेक्ट्सि से देखभाल, योग, स्ट्रेचिंग या आत्म सम्मोहन पद्धति से भी इलाज करवाना फायदेमंद हो सकता है।

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