google.com, pub-5031399508792770, DIRECT, f08c47fec0942fa0 एक्यूप्रेशर तकनीक से माइग्रेन को यूं दे मात - Ayurveda And Gharelu Vaidya Happy Diwali 2018

नए नुस्खे

Home Top Ad

Post Top Ad

एक्यूप्रेशर तकनीक से माइग्रेन को यूं दे मात

सिरदर्द ( Migraine ) ऐसी समस्या है जो अक्सर लोगों को परेशान करती है।ये हमें असहज बनाने के साथ हमारी दिनचर्या काे भी प्रभावित करता है।आइए जानते हैं एक्यूप्रेशर पद्धति ( acupressure for migraine ) से कैसे इसे दूर कर सकते है:-

कारण : यह कब्ज, पेट, गैस, जिगर या पित्ताशय में गड़बड़ी, पुराना नजला-जुकाम, गर्दन में रीढ़ की हड्डी के विकार, कान या दांत दर्द से होता है। नसों में खिंचाव, तिल्ली का बढ़ना, सिर में ट्यूमर, मानसिक अशांति व चिंता के कारण भी माइग्रेन होता है।

इलाज : एक्यूप्रेशर में हाथों तथा पैरों के कुछ विशेष केन्द्रों पर हाथ के अंगूठे से दबाव डालकर या मालिश करके कई रोगों को दूर किया जा सकता है। इन केन्द्रों का शरीर के विभिन्न अंगों से सीधा संपर्क होता है। माइग्रेन का उपचार करते समय सर्वप्रथम हाथों और पैरों के अंगूठों के साथ एक-दो मिनट का तथा उसके बाद दोनों हाथों के ऊपर त्रिकोण स्थान पर दो तीन मिनट तक मालिश जैसा दबाव दिया जाता है। रोग की गंभीरता के आधार पर 10-15 दिन ठीक होने में लग सकते हैं।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2YAbD7W
एक्यूप्रेशर तकनीक से माइग्रेन को यूं दे मात

सिरदर्द ( Migraine ) ऐसी समस्या है जो अक्सर लोगों को परेशान करती है।ये हमें असहज बनाने के साथ हमारी दिनचर्या काे भी प्रभावित करता है।आइए जानते हैं एक्यूप्रेशर पद्धति ( acupressure for migraine ) से कैसे इसे दूर कर सकते है:-

कारण : यह कब्ज, पेट, गैस, जिगर या पित्ताशय में गड़बड़ी, पुराना नजला-जुकाम, गर्दन में रीढ़ की हड्डी के विकार, कान या दांत दर्द से होता है। नसों में खिंचाव, तिल्ली का बढ़ना, सिर में ट्यूमर, मानसिक अशांति व चिंता के कारण भी माइग्रेन होता है।

इलाज : एक्यूप्रेशर में हाथों तथा पैरों के कुछ विशेष केन्द्रों पर हाथ के अंगूठे से दबाव डालकर या मालिश करके कई रोगों को दूर किया जा सकता है। इन केन्द्रों का शरीर के विभिन्न अंगों से सीधा संपर्क होता है। माइग्रेन का उपचार करते समय सर्वप्रथम हाथों और पैरों के अंगूठों के साथ एक-दो मिनट का तथा उसके बाद दोनों हाथों के ऊपर त्रिकोण स्थान पर दो तीन मिनट तक मालिश जैसा दबाव दिया जाता है। रोग की गंभीरता के आधार पर 10-15 दिन ठीक होने में लग सकते हैं।

https://ift.tt/2MOJ93g Patrika : India's Leading Hindi News Portal

Post Bottom Ad

Pages