बिगड़ी जीवनशैली और गलत आदतें रोगों को बढ़ा रही हैं। पीठदर्द, माइगे्रन, थायराइड, डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल डिजीज के मामले बढ़ रहे हैं। ज्यादातर बीमारियों को दूर करने में कुछ योगासनों काफी फायदेमंद हैं। रोजाना इन आसनों को 5 मिनट किया जाय तो राहत मिल सकती है।
पीठदर्द -
ये है कारण-
मांसपेशियों में खिंचाव, उठने-बैठने का तरीका गलत होना, प्रेग्नेंसी के बाद या जरूरत से अधिक श्रम करना।
हलासन -
जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं व दोनों हथेलियों को जमीन पर रखें। दोनों पैरों की एडिय़ों व पंजों को मिलाकर रखें। दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाते हुए 90 डिग्री का कोण बनाते हुए सिर के पीछे ले जाएं और पैरों को बिल्कुल सीधा रखें। हाथों को जमीन पर सटाकर रखें और घुटनों को माथे पर सीधा रखें, मोड़ें नहीं। 1-2 मिनट तक इसी स्थिति में रहते हुए सांस लें और छोड़ें। धीरे-धीरे पूर्व स्थिति में आ जाएं, पूर्व स्थिति में आते समय घुटनों को सीधा रखें।
ये भी आसन फायदेमंद-
त्रिकोणासन, पश्चिमोत्तासन, सुप्त वक्रासन, सेतु बंधासन, भुजंगासन।
ये भी आजमाएं-
सरसों के तेल को गर्म करके 8-10 लहसुन की कलियों डालकर पका लें। इस तेल को छानकर ठंडा कर पीठ की 10-15 मिनट तक मालिश करें।
माइगे्रन के लिए -
ये है कारण -
नींद की कमी, तनाव, शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी, अल्कोहल अधिक लेना, व एलर्जी।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें -
सुखासन में बैठ जाएं, कमर बिल्कुल सीधी रखें। अनामिका और कनिष्का से बाईं नाक को बंद करें दाईं नाक से सांस लें। अब अंगूठे से दाईं नाक बंद करें। बाईं नाक से सांस निकाल लें। कुछ क्षण रुकें। दाईं नाक से सांस निकाल दें। कुछ क्षण रुकें। दोबारा दाईं नाक से सांस लें। सांस को धीरे-धीरे अंदर लें और बाहर छोड़ें। यह प्रक्रिया 10 मिनट तक दोहराएं।
ये भी आसन फायदेमंद - भुजंगासन और ब्रह्ममुद्रा।
ये भी आजमाएं -
आधा गिलास पालक और आधा गिलास गाजर का रस मिलाकर पीएं। ।
डायबिटीज के लिए -
ये हैं कारण -
गलत जीवनशैली, खान-पान में गड़बड़ी, तनाव, वंशानुगत, मोटापा और बढ़ती उम्र।
नौकासन करें -
जमीन पर सीधे लेट जाएं। सिर व कंधों को ऊपर उठाएं। फिर पैरों को भी सीधा उठाएं। हाथ-पैर और सिर समांतर रखें। कुछ क्षण इसी स्थिति में रहें फिर धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं। इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं।
ये भी आसन फायदेमंद -
हलासन, बालासन, शवासन।
ये भी आजमाएं -
सुबह खाली पेट आधा कप करेले का जूस पीएं। नियमित तौर पर गुनगुना दूध लें।
सर्दी-जुकाम -
ये है कारण -
गलत खानपान और लाइफस्टाइल, विपरीत तापमान में अधिक समय तक रहना, वायरस, अचानक मौसम में बदलाव।
सर्वांगासन करें-
पीठ के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को जमीन पर रखें। सांस लेते हुए पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। पैरों को ऊपर उठाते हुए हाथों से कमर को सपोर्ट दें। पैरों को 90 डिग्री या 120 डिग्री पर ले जाकर हाथों को उठाकर कमर के पीछे लगाएं। पैरों को मिलाकर सीधा करें। थोड़ी देर रुकें फिर पूर्व अवस्था में आ जाएं।
ये भी आसन फायदेमंद
शवासन, मकरासन, धनुरासन।
ये भी आजमाएं -
कप पानी में एक टेबलस्पून हल्दी पाउडर, 3-4 तुलसी के पत्ते डालकर 10 मिनट तक उबालें। इसमें एक टी स्पून शहद व नींबू का रस मिलाकर पीएं।
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रोज 5 मिनट करें ये योगासन, नहीं होगी कोई बीमारी
बिगड़ी जीवनशैली और गलत आदतें रोगों को बढ़ा रही हैं। पीठदर्द, माइगे्रन, थायराइड, डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल डिजीज के मामले बढ़ रहे हैं। ज्यादातर बीमारियों को दूर करने में कुछ योगासनों काफी फायदेमंद हैं। रोजाना इन आसनों को 5 मिनट किया जाय तो राहत मिल सकती है।
पीठदर्द -
ये है कारण-
मांसपेशियों में खिंचाव, उठने-बैठने का तरीका गलत होना, प्रेग्नेंसी के बाद या जरूरत से अधिक श्रम करना।
हलासन -
जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं व दोनों हथेलियों को जमीन पर रखें। दोनों पैरों की एडिय़ों व पंजों को मिलाकर रखें। दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाते हुए 90 डिग्री का कोण बनाते हुए सिर के पीछे ले जाएं और पैरों को बिल्कुल सीधा रखें। हाथों को जमीन पर सटाकर रखें और घुटनों को माथे पर सीधा रखें, मोड़ें नहीं। 1-2 मिनट तक इसी स्थिति में रहते हुए सांस लें और छोड़ें। धीरे-धीरे पूर्व स्थिति में आ जाएं, पूर्व स्थिति में आते समय घुटनों को सीधा रखें।
ये भी आसन फायदेमंद-
त्रिकोणासन, पश्चिमोत्तासन, सुप्त वक्रासन, सेतु बंधासन, भुजंगासन।
ये भी आजमाएं-
सरसों के तेल को गर्म करके 8-10 लहसुन की कलियों डालकर पका लें। इस तेल को छानकर ठंडा कर पीठ की 10-15 मिनट तक मालिश करें।
माइगे्रन के लिए -
ये है कारण -
नींद की कमी, तनाव, शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी, अल्कोहल अधिक लेना, व एलर्जी।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम करें -
सुखासन में बैठ जाएं, कमर बिल्कुल सीधी रखें। अनामिका और कनिष्का से बाईं नाक को बंद करें दाईं नाक से सांस लें। अब अंगूठे से दाईं नाक बंद करें। बाईं नाक से सांस निकाल लें। कुछ क्षण रुकें। दाईं नाक से सांस निकाल दें। कुछ क्षण रुकें। दोबारा दाईं नाक से सांस लें। सांस को धीरे-धीरे अंदर लें और बाहर छोड़ें। यह प्रक्रिया 10 मिनट तक दोहराएं।
ये भी आसन फायदेमंद - भुजंगासन और ब्रह्ममुद्रा।
ये भी आजमाएं -
आधा गिलास पालक और आधा गिलास गाजर का रस मिलाकर पीएं। ।
डायबिटीज के लिए -
ये हैं कारण -
गलत जीवनशैली, खान-पान में गड़बड़ी, तनाव, वंशानुगत, मोटापा और बढ़ती उम्र।
नौकासन करें -
जमीन पर सीधे लेट जाएं। सिर व कंधों को ऊपर उठाएं। फिर पैरों को भी सीधा उठाएं। हाथ-पैर और सिर समांतर रखें। कुछ क्षण इसी स्थिति में रहें फिर धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आ जाएं। इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं।
ये भी आसन फायदेमंद -
हलासन, बालासन, शवासन।
ये भी आजमाएं -
सुबह खाली पेट आधा कप करेले का जूस पीएं। नियमित तौर पर गुनगुना दूध लें।
सर्दी-जुकाम -
ये है कारण -
गलत खानपान और लाइफस्टाइल, विपरीत तापमान में अधिक समय तक रहना, वायरस, अचानक मौसम में बदलाव।
सर्वांगासन करें-
पीठ के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को जमीन पर रखें। सांस लेते हुए पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। पैरों को ऊपर उठाते हुए हाथों से कमर को सपोर्ट दें। पैरों को 90 डिग्री या 120 डिग्री पर ले जाकर हाथों को उठाकर कमर के पीछे लगाएं। पैरों को मिलाकर सीधा करें। थोड़ी देर रुकें फिर पूर्व अवस्था में आ जाएं।
ये भी आसन फायदेमंद
शवासन, मकरासन, धनुरासन।
ये भी आजमाएं -
कप पानी में एक टेबलस्पून हल्दी पाउडर, 3-4 तुलसी के पत्ते डालकर 10 मिनट तक उबालें। इसमें एक टी स्पून शहद व नींबू का रस मिलाकर पीएं।