कंजक्टिवाइटिस आम है
बरसात के दिनों में आंखों से जुड़ा रोग कंजक्टिवाइटिस आम है। यह संक्रामक रोग एडीनो वायरस की वजह से होता है। ज्यादातर मामलों में यदि यह वायरल तरीके से व्यक्ति की एक या दोनों आंखों को प्रभावित करे तो 4-5 दिन में खुद ही ठीक हो जाता है। लेकिन इसके साथ आंख में बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो जाए तो स्थिति गंभीर होने से मरीज को कम दिखने के अलावा आंख से पीला पदार्थ निकलने की समस्या भी हो सकती है। इसे ठीक होने में 2-3 हफ्ते लगते हैं।
लक्षण : वायरल इंफेक्शन में आंख में लालिमा, पानी निकलने व रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढऩे और कुछ मामलों में मरीज को हल्का बुखार व गला खराब होने की शिकायत रहती है।
इलाज : आंखों में नमी बनाए रखने और चुभन, जलन व रोशनी के प्रति संवेदनशीलता कम करने के लिए लूब्रिकेंट्स डालने के लिए देते हैं। बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर कल्चर टैस्ट करते हैं। जिसमें आशंकित बैक्टीरिया के अनुसार एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं।
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कंजक्टिवाइटिस : बैक्टीरियल इंफेक्शन बढ़ाता गंभीरता
कंजक्टिवाइटिस आम है
बरसात के दिनों में आंखों से जुड़ा रोग कंजक्टिवाइटिस आम है। यह संक्रामक रोग एडीनो वायरस की वजह से होता है। ज्यादातर मामलों में यदि यह वायरल तरीके से व्यक्ति की एक या दोनों आंखों को प्रभावित करे तो 4-5 दिन में खुद ही ठीक हो जाता है। लेकिन इसके साथ आंख में बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो जाए तो स्थिति गंभीर होने से मरीज को कम दिखने के अलावा आंख से पीला पदार्थ निकलने की समस्या भी हो सकती है। इसे ठीक होने में 2-3 हफ्ते लगते हैं।
लक्षण : वायरल इंफेक्शन में आंख में लालिमा, पानी निकलने व रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढऩे और कुछ मामलों में मरीज को हल्का बुखार व गला खराब होने की शिकायत रहती है।
इलाज : आंखों में नमी बनाए रखने और चुभन, जलन व रोशनी के प्रति संवेदनशीलता कम करने के लिए लूब्रिकेंट्स डालने के लिए देते हैं। बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर कल्चर टैस्ट करते हैं। जिसमें आशंकित बैक्टीरिया के अनुसार एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं।