google.com, pub-5031399508792770, DIRECT, f08c47fec0942fa0 पब्लिक हैबिट्स डॉक्टर्स ओपिनियन: नारियल पानी नहीं है पानी का विकल्प - Ayurveda And Gharelu Vaidya Happy Diwali 2018

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पब्लिक हैबिट्स डॉक्टर्स ओपिनियन: नारियल पानी नहीं है पानी का विकल्प

केवल इस पर निर्भर रहना सही नहीं
नारियल पानी पीने के यूं तो कई फायदे हैं। लेकिन गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए रोजाना दो गिलास से अधिक नारियल पानी लेना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। पानी की कमी पूरी करने के लिए केवल इस पर निर्भर रहना सही नहीं है। इसमें मौजूद पोटैशियम शरीर में जाकर इस तत्त्व को सामान्य से अधिक कर देता है। जिससे खासकर किडनी व हृदय से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
पोटैशियम की भूमिका
पोटैशियम शरीर के लिए जरूरी इलेक्ट्रोलाइट है। सामान्य रूप से व्यक्ति को रोजाना 4700 मिग्रा पोटैशियम की जरूरत होती है। 250 मिली. नारियल पानी में 600 मिग्रा. पोटैशियम होता है। यह शरीर की तंत्रिकाओं, मांसपेशियों और हृदय के सुचारू कार्य करने के लिए जरूरी है। कई बार हीट स्ट्रोक, डिहाइडे्रशन और डायरिया के पेशेंट्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट और पानी की कमी को पूरा करने के लिए दिन में कई बार नारियल पानी का सहारा लेते हैं। लेकिन दिनभर में दो गिलास (500 एमएल) से अधिक यह पानी नहीं पीना चाहिए।
धीमी होती कार्यप्रणाली
किडनी शरीर में मौजूद जरूरत से ज्यादा पोटैशियम को बाहर निकालती है। लेकिन इसके मरीजों में इसकी अधिक मात्रा बाहर नहीं निकल पाती और किडनी फैल्योर की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा पोटैशियम की अधिकता से हृदय की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं जिससे धड़कनें अनियमित हो जाती हैं जिससे हार्ट फेल्योर के चांस भी बढ़ते हैं।
इतना है जरूरी
शरीर में पानी की कमी को फल व सलाद से पूरी कर सकते हैं। ये विटामिन और मिनरल तत्त्व का अच्छा स्त्रोत होते हैं। केला, आलू, नट्स, बीन्स से पोटैशियम की कमी पूरी की जा सकती है। हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में पोटैशियम युक्त चीजें लेने की सलाह दी जाती है। क्योंकि यह सोडियम के स्तर को कम करके ब्लड प्रेशर सामान्य करता है। कई बार पेशाब के जरिए कैल्शियम तेजी से बाहर निकलने की समस्या रहती है। ऐसे में पोटैशियम कैल्शियम का अधिक उत्सर्जन होने से रोकता है।
गिरिजा काबरा, न्यूट्रिशनिस्ट



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2Z172aM
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केवल इस पर निर्भर रहना सही नहीं
नारियल पानी पीने के यूं तो कई फायदे हैं। लेकिन गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए रोजाना दो गिलास से अधिक नारियल पानी लेना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। पानी की कमी पूरी करने के लिए केवल इस पर निर्भर रहना सही नहीं है। इसमें मौजूद पोटैशियम शरीर में जाकर इस तत्त्व को सामान्य से अधिक कर देता है। जिससे खासकर किडनी व हृदय से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
पोटैशियम की भूमिका
पोटैशियम शरीर के लिए जरूरी इलेक्ट्रोलाइट है। सामान्य रूप से व्यक्ति को रोजाना 4700 मिग्रा पोटैशियम की जरूरत होती है। 250 मिली. नारियल पानी में 600 मिग्रा. पोटैशियम होता है। यह शरीर की तंत्रिकाओं, मांसपेशियों और हृदय के सुचारू कार्य करने के लिए जरूरी है। कई बार हीट स्ट्रोक, डिहाइडे्रशन और डायरिया के पेशेंट्स शरीर में इलेक्ट्रोलाइट और पानी की कमी को पूरा करने के लिए दिन में कई बार नारियल पानी का सहारा लेते हैं। लेकिन दिनभर में दो गिलास (500 एमएल) से अधिक यह पानी नहीं पीना चाहिए।
धीमी होती कार्यप्रणाली
किडनी शरीर में मौजूद जरूरत से ज्यादा पोटैशियम को बाहर निकालती है। लेकिन इसके मरीजों में इसकी अधिक मात्रा बाहर नहीं निकल पाती और किडनी फैल्योर की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा पोटैशियम की अधिकता से हृदय की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं जिससे धड़कनें अनियमित हो जाती हैं जिससे हार्ट फेल्योर के चांस भी बढ़ते हैं।
इतना है जरूरी
शरीर में पानी की कमी को फल व सलाद से पूरी कर सकते हैं। ये विटामिन और मिनरल तत्त्व का अच्छा स्त्रोत होते हैं। केला, आलू, नट्स, बीन्स से पोटैशियम की कमी पूरी की जा सकती है। हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में पोटैशियम युक्त चीजें लेने की सलाह दी जाती है। क्योंकि यह सोडियम के स्तर को कम करके ब्लड प्रेशर सामान्य करता है। कई बार पेशाब के जरिए कैल्शियम तेजी से बाहर निकलने की समस्या रहती है। ऐसे में पोटैशियम कैल्शियम का अधिक उत्सर्जन होने से रोकता है।
गिरिजा काबरा, न्यूट्रिशनिस्ट

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