google.com, pub-5031399508792770, DIRECT, f08c47fec0942fa0 world stroke day - अनियमित जीवन शैली, खानपान और तनाव से होता है स्ट्रोक - Ayurveda And Gharelu Vaidya Happy Diwali 2018

नए नुस्खे

Home Top Ad

Post Top Ad

world stroke day - अनियमित जीवन शैली, खानपान और तनाव से होता है स्ट्रोक

world stroke day - देश में हर तीन मिनट में कोई न कोई व्यक्ति ब्रेन स्ट्रोक से दम तोड़ता है। यह बात भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसन्धान संस्थान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययन में सामने आई है। इस जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 अक्टूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया जाता है।

दुनिया का हर छठा व्यक्ति कभी न कभी ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हुआ है और 60 से ऊपर की उम्र के लोगों में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण ब्रेन स्ट्रोक है। यह 15 से 59 वर्ष के आयुवर्ग में मौत का पांचवां सबसे बड़ा कारण है। विशेषज्ञों के मुताबिक, स्ट्रोक आने के बाद 70 फीसदी मरीजों की सुनने और देखने की क्षमता चली जाती है। 30 फीसदी मरीजों का शरीर अपंग हो जाता है और इन्हें दूसरे लोगों के सहारे की जरूरत पड़ती है। दिल की बीमारी वाले 20 फीसदी मरीजों को स्ट्रोक की समस्या होती है। पहले यह समस्या बढ़ती उम्र में होती थी लेकिन अब स्ट्रोक का खतरा युवाओं को होने लगा है। युवाओं के लिए ये अधिक घातक होता है क्योंकि यह उन्हें जीवन भर के लिए विकलांग बना सकता है।

स्ट्रोक के कारण -

अनियमित जीवन शैली, खानपान और तनाव स्ट्रोक होने के मुख्य कारण हैं। मस्तिष्क और नाड़ियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की निरंतर आपूर्ति रक्त वाहिकाओं से खून के द्वारा की जाती है। जब भी इन रक्त वाहिकाओं में किसी कारण कोई अवरोध हो जाता है तो मस्तिष्क के कुछ हिस्सों को रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है। मस्तिष्क के कुछ हिस्से को तीन या चार मिनट से ज्यादा देर तक रक्त न मिलने पर ऑक्सीजन और पोषक तत्वों के अभाव में कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं और स्ट्रोक हो जाता है। धमनियों में चर्बी की मात्रा अधिक होने से ब्लॉकेज आ जाते हैं, जिससे खून की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने के कारण स्ट्रोक पड़ता है। स्ट्रोक उच्च रक्तचाप के कारण भी होता है। खून के अधिक दबाव से नलिकाएं फट जाती हैं और मस्तिष्क के अंदर खून बहने लगता है, इसलिए इसे ब्रेन हेमरेज कहते भी हैं। इसका मुख्य कारण उच्च रक्तचाप, मधुमेह, रक्त शर्करा, उच्च कोलेस्ट्रॉल, शराब, धूम्रपान और मादक पदार्थों की लत के अलावा आरामतलब जीवन शैली, मोटापा, जंक फूड का सेवन और तनाव है।

स्ट्रोक से बचाव-

इससे बचाव के लिए व्यायाम, उचित खानपान और नशे से दूर रहने की सबसे ज्यादा जरूरत है। तनाव से बचने की कोशिश करनी चाहिए। बढ़़ते रक्तचाप का ध्यान रखना चाहिए।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2AxMv43
world stroke day - अनियमित जीवन शैली, खानपान और तनाव से होता है स्ट्रोक

world stroke day - देश में हर तीन मिनट में कोई न कोई व्यक्ति ब्रेन स्ट्रोक से दम तोड़ता है। यह बात भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसन्धान संस्थान परिषद (आईसीएमआर) के अध्ययन में सामने आई है। इस जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 अक्टूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया जाता है।

दुनिया का हर छठा व्यक्ति कभी न कभी ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हुआ है और 60 से ऊपर की उम्र के लोगों में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण ब्रेन स्ट्रोक है। यह 15 से 59 वर्ष के आयुवर्ग में मौत का पांचवां सबसे बड़ा कारण है। विशेषज्ञों के मुताबिक, स्ट्रोक आने के बाद 70 फीसदी मरीजों की सुनने और देखने की क्षमता चली जाती है। 30 फीसदी मरीजों का शरीर अपंग हो जाता है और इन्हें दूसरे लोगों के सहारे की जरूरत पड़ती है। दिल की बीमारी वाले 20 फीसदी मरीजों को स्ट्रोक की समस्या होती है। पहले यह समस्या बढ़ती उम्र में होती थी लेकिन अब स्ट्रोक का खतरा युवाओं को होने लगा है। युवाओं के लिए ये अधिक घातक होता है क्योंकि यह उन्हें जीवन भर के लिए विकलांग बना सकता है।

स्ट्रोक के कारण -

अनियमित जीवन शैली, खानपान और तनाव स्ट्रोक होने के मुख्य कारण हैं। मस्तिष्क और नाड़ियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की निरंतर आपूर्ति रक्त वाहिकाओं से खून के द्वारा की जाती है। जब भी इन रक्त वाहिकाओं में किसी कारण कोई अवरोध हो जाता है तो मस्तिष्क के कुछ हिस्सों को रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है। मस्तिष्क के कुछ हिस्से को तीन या चार मिनट से ज्यादा देर तक रक्त न मिलने पर ऑक्सीजन और पोषक तत्वों के अभाव में कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं और स्ट्रोक हो जाता है। धमनियों में चर्बी की मात्रा अधिक होने से ब्लॉकेज आ जाते हैं, जिससे खून की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने के कारण स्ट्रोक पड़ता है। स्ट्रोक उच्च रक्तचाप के कारण भी होता है। खून के अधिक दबाव से नलिकाएं फट जाती हैं और मस्तिष्क के अंदर खून बहने लगता है, इसलिए इसे ब्रेन हेमरेज कहते भी हैं। इसका मुख्य कारण उच्च रक्तचाप, मधुमेह, रक्त शर्करा, उच्च कोलेस्ट्रॉल, शराब, धूम्रपान और मादक पदार्थों की लत के अलावा आरामतलब जीवन शैली, मोटापा, जंक फूड का सेवन और तनाव है।

स्ट्रोक से बचाव-

इससे बचाव के लिए व्यायाम, उचित खानपान और नशे से दूर रहने की सबसे ज्यादा जरूरत है। तनाव से बचने की कोशिश करनी चाहिए। बढ़़ते रक्तचाप का ध्यान रखना चाहिए।

https://ift.tt/2zbyqYl Patrika : India's Leading Hindi News Portal

Post Bottom Ad

Pages