google.com, pub-5031399508792770, DIRECT, f08c47fec0942fa0 ज्यादा नमक से हार्ट की रक्त वाहिनियां सख्त होतीं, बढ़ता अटैक का खतरा - Ayurveda And Gharelu Vaidya Happy Diwali 2018

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ज्यादा नमक से हार्ट की रक्त वाहिनियां सख्त होतीं, बढ़ता अटैक का खतरा

अगर आपने पूरे साल स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं दिया है तो इस दौरान सेहत से जुड़े हर पहलू की जांच करवा लें। खास तौर पर दिल, क्योंकि महिलाओं की तुलना में पुरुषों को दिल की बीमारी ज्यादा होती है।

75-80 फीसदी मामलों में लोग छाती में दर्द को ही लक्षण मानते हैं जबकि सिर चकराना, जी मिचलाना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं, जिन्हें लोग गैस्ट्रिक प्रॉब्लम कहकर ध्यान नहीं देते हैं। जानें इनके बारे में..

इनका रखें ध्यान
नमक कम लें : हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ के मुताबिक ज्यादा मात्रा में नमक लेने पर रक्त वाहिनियां सख्त हो जाती हैं, जिससे बीपी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाती है।
कोलेस्ट्रॉल की जांच : अमरीकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार 20 की उम्र से ही कॉलेस्ट्रॉल की जांच होनी चाहिए।
फैट फ्री फूड : डाइट से पूरी तरह फैट हटाने की बजाय सैचुरेटेड फैट हटाएं।

लाइफस्टाइल सुधारें
अमरीकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित शोध के अनुसार हैल्दी लाइफस्टाइल से हार्ट अटैक का खतरा 80 फीसदी तक कम हो जाती है। शोधकर्ताओं ने पांच सुझाव दिए हैं- पहला डाइट में फल,

सब्जी, दाल, कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स शामिल करें। दूसरा नियमित एक्सरसाइज करें। तीसरा धूम्रपान व अल्कोहल लेने से बचें। चौथा-भरपूर नींद लें और पांचवां खाने में फाइबर अधिक लें।

ऐसी हो डाइट
डाइट में ओमेगा-3, फाइबर और फाइटोएस्ट्रोजंस लें ये दिल को सेहतमंद बनाते हैं। अलसी में ये सारे गुण पाए जाते हैं। राजमा या अन्य बीन्स ले सकते हैं। संतरे और पपीते में बीटा कैरोटीन, मैग्निशियम,

पोटेशियम व फाइबर होता है। टमाटर में लाइकोपिन, विटामिन-सी व बीटा कैरोटीन पाया जाता है। गाजर, शकरकंद, लाल शिमला मिर्च में कैरोटिनॉयड्स, फाइबर और विटामिन होते हैं।

ये बातें बनाएंगी दिल को सेहतमंद
बच्चों के टिफिन में सेहतमंद व सृजनात्मक भोजन रखें।
घर में धूम्रपान करने पर पाबंदी लगाएं, इससे आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी व बच्चे भी स्वस्थ रहेंगे।
बच्चों के टीवी देखने और वीडियो गेम खेलने के समय को तय करेंं।
साइकिल चलाना, पहाड़ पर चढऩा, बाग में खेलने जैसी शारीरिक गतिविधियों में अधिक से अधिक भाग लें। विशेषज्ञ की सलाह से रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, ग्लूकोज, वजन और बॉडी मास इंडेक्स की समय-समय पर जांचें करवाएं।



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ज्यादा नमक से हार्ट की रक्त वाहिनियां सख्त होतीं, बढ़ता अटैक का खतरा

अगर आपने पूरे साल स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं दिया है तो इस दौरान सेहत से जुड़े हर पहलू की जांच करवा लें। खास तौर पर दिल, क्योंकि महिलाओं की तुलना में पुरुषों को दिल की बीमारी ज्यादा होती है।

75-80 फीसदी मामलों में लोग छाती में दर्द को ही लक्षण मानते हैं जबकि सिर चकराना, जी मिचलाना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं, जिन्हें लोग गैस्ट्रिक प्रॉब्लम कहकर ध्यान नहीं देते हैं। जानें इनके बारे में..

इनका रखें ध्यान
नमक कम लें : हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हैल्थ के मुताबिक ज्यादा मात्रा में नमक लेने पर रक्त वाहिनियां सख्त हो जाती हैं, जिससे बीपी, हार्ट अटैक और स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाती है।
कोलेस्ट्रॉल की जांच : अमरीकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार 20 की उम्र से ही कॉलेस्ट्रॉल की जांच होनी चाहिए।
फैट फ्री फूड : डाइट से पूरी तरह फैट हटाने की बजाय सैचुरेटेड फैट हटाएं।

लाइफस्टाइल सुधारें
अमरीकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित शोध के अनुसार हैल्दी लाइफस्टाइल से हार्ट अटैक का खतरा 80 फीसदी तक कम हो जाती है। शोधकर्ताओं ने पांच सुझाव दिए हैं- पहला डाइट में फल,

सब्जी, दाल, कम फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स शामिल करें। दूसरा नियमित एक्सरसाइज करें। तीसरा धूम्रपान व अल्कोहल लेने से बचें। चौथा-भरपूर नींद लें और पांचवां खाने में फाइबर अधिक लें।

ऐसी हो डाइट
डाइट में ओमेगा-3, फाइबर और फाइटोएस्ट्रोजंस लें ये दिल को सेहतमंद बनाते हैं। अलसी में ये सारे गुण पाए जाते हैं। राजमा या अन्य बीन्स ले सकते हैं। संतरे और पपीते में बीटा कैरोटीन, मैग्निशियम,

पोटेशियम व फाइबर होता है। टमाटर में लाइकोपिन, विटामिन-सी व बीटा कैरोटीन पाया जाता है। गाजर, शकरकंद, लाल शिमला मिर्च में कैरोटिनॉयड्स, फाइबर और विटामिन होते हैं।

ये बातें बनाएंगी दिल को सेहतमंद
बच्चों के टिफिन में सेहतमंद व सृजनात्मक भोजन रखें।
घर में धूम्रपान करने पर पाबंदी लगाएं, इससे आपकी सेहत भी अच्छी रहेगी व बच्चे भी स्वस्थ रहेंगे।
बच्चों के टीवी देखने और वीडियो गेम खेलने के समय को तय करेंं।
साइकिल चलाना, पहाड़ पर चढऩा, बाग में खेलने जैसी शारीरिक गतिविधियों में अधिक से अधिक भाग लें। विशेषज्ञ की सलाह से रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, ग्लूकोज, वजन और बॉडी मास इंडेक्स की समय-समय पर जांचें करवाएं।

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