google.com, pub-5031399508792770, DIRECT, f08c47fec0942fa0 पैट्स से ज्यादा प्यार आपको न कर दे बीमार - Ayurveda And Gharelu Vaidya Happy Diwali 2018

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पैट्स से ज्यादा प्यार आपको न कर दे बीमार

वैज्ञानिकों की मानें तो पालतू जानवरों की देखभाल में थोड़ी बहुत सावधानी बेहद जरूरी है। पालतू जानवरों से ज्यादा प्यार बीमारी भी दे सकता है। शोधों के अनुसार 100 ऐसी बीमारियां हैं जो पालतू जानवरों से आप तक पहुंचती हैं। वहीं इन्हें मिलाकर करीब 250 बीमारियां ऐसी हैं जो जानवरों से इंसान को लग सकती हैं।

न करें लापरवाही

पालतू जानवर पालने से तनाव, अवसाद और अकेलेपन की समस्या नहीं रहती। लेकिन इन्हें पालने के लिए आपका खुद का एक्टिव होना बेहद जरूरी है ताकि जानवर को घूमाने, नहलाने या खाना खिलाने जैसे कामों में आपको आलस ना आए।

ऐसे हो सकता है नुकसान

पालतू जानवर जहां-तहां बैठ जाते हैं ऐसे में जब वे घर के भीतर आते हैं तो तरह-तरह के कीटाणु, हुकवर्म(एक प्रकार के कीड़े)और उनके लार्वा को भी ले आते हैं। घर में जगह-जगह घूमने से ये जीवाणु घर में फैल जाते हैं और परिवार के सदस्य बीमार हो जाते हैं।

लगातार हुकवर्म के संपर्क में रहने से सदस्यों में प्रोटीन की कमी, रक्त की कमी, हार्ट डिजीज और पेट की बीमारियां हो सकती हैं।


जानवरों से स्केबीज नामक संक्रमण फैल सकता है। यह स्किन डिजीज आगे चलकर एग्जिमा का रूप ले लेता है।
पालतू जानवरों से राउंडवॉर्म, रिंगवॉर्म आदि फैलते हैं, जो त्वचा संक्रमण वालों को नुकसान पहुंचाते हैं और अन्य बीमारियों के सबब बन सकते हैं।


पालतू जानवरों से अस्थमा के मरीजों को परेशानी हो सकती है।
कुत्तों के काटने से रैबीज नामक खतरनाक बीमारी हो सकती है।
बिल्लियों द्वारा खरोंचने से बैक्टीरियल इंफेक्शन फैल सकता है जो कई बीमारियां फैलाता है।

थोड़ी दूरी भी जरूरी

पशुरोग चिकित्सक डॉ. तपेश माथुर के अनुसार एक सीमा तक पालतू जानवर के साथ आपका लगाव ठीक है लेकिन उसकी एवज में अपने सुरक्षा के घेरे को ना तोडें। उन्हें बेड, सोफे, कुर्सी या किचन आदि में ना बिठाएं इससे संक्रमण होने की आशंका ज्यादा रहती है। छोटे-बच्चे अक्सर डॉगी के मुंह में हाथ डालते हैं, खाना खिलाते हैं या दुलारते हैं, ऐसा करने पर बच्चे के हाथ जरूर धुलवाएं। जब भी आपका पैट बाहर से आए तो उसे गीले कपड़े से पोछें या पानी से उसके पैरों को धो दें।

सावधानी से पालें पैट्स

पालतू जानवरों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए ये सावधानियां बरतें -
पैट की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। उन्हें दस्ताने या मास्क पहनकर नियमित रूप से नहलाएं।
शुरू से ही बाहर ले जाकर मल-मूत्र त्याग करने की आदत डालें। इसके लिए उन्हें अपने साथ मॉर्निंग एवं ईवनिंग वॉक पर ले जाएं। अगर घर में जानवर ने मल-मूत्र कर दिया है तो तुरंत सफाई करें।
पशु-चिकित्सक से नियमित अंतराल पर पैट की सेहत चेक करवाएं। डॉक्टर की राय से एंटी बैक्टीरियल लोशन का प्रयोग करें।


पालतू जानवर का आवश्यक टीकाकरण जरूर करवाएं।
पैट के पिंजरे या रहने के स्थान को साफ-सुथरा रखें।
घर के सभी सदस्य भोजन करने से पहले अच्छी तरह हाथ जरूर धोएं।
उसके आसपास की जगह में , हाइजीन मैंटेन रखें।



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पैट्स से ज्यादा प्यार आपको न कर दे बीमार

वैज्ञानिकों की मानें तो पालतू जानवरों की देखभाल में थोड़ी बहुत सावधानी बेहद जरूरी है। पालतू जानवरों से ज्यादा प्यार बीमारी भी दे सकता है। शोधों के अनुसार 100 ऐसी बीमारियां हैं जो पालतू जानवरों से आप तक पहुंचती हैं। वहीं इन्हें मिलाकर करीब 250 बीमारियां ऐसी हैं जो जानवरों से इंसान को लग सकती हैं।

न करें लापरवाही

पालतू जानवर पालने से तनाव, अवसाद और अकेलेपन की समस्या नहीं रहती। लेकिन इन्हें पालने के लिए आपका खुद का एक्टिव होना बेहद जरूरी है ताकि जानवर को घूमाने, नहलाने या खाना खिलाने जैसे कामों में आपको आलस ना आए।

ऐसे हो सकता है नुकसान

पालतू जानवर जहां-तहां बैठ जाते हैं ऐसे में जब वे घर के भीतर आते हैं तो तरह-तरह के कीटाणु, हुकवर्म(एक प्रकार के कीड़े)और उनके लार्वा को भी ले आते हैं। घर में जगह-जगह घूमने से ये जीवाणु घर में फैल जाते हैं और परिवार के सदस्य बीमार हो जाते हैं।

लगातार हुकवर्म के संपर्क में रहने से सदस्यों में प्रोटीन की कमी, रक्त की कमी, हार्ट डिजीज और पेट की बीमारियां हो सकती हैं।


जानवरों से स्केबीज नामक संक्रमण फैल सकता है। यह स्किन डिजीज आगे चलकर एग्जिमा का रूप ले लेता है।
पालतू जानवरों से राउंडवॉर्म, रिंगवॉर्म आदि फैलते हैं, जो त्वचा संक्रमण वालों को नुकसान पहुंचाते हैं और अन्य बीमारियों के सबब बन सकते हैं।


पालतू जानवरों से अस्थमा के मरीजों को परेशानी हो सकती है।
कुत्तों के काटने से रैबीज नामक खतरनाक बीमारी हो सकती है।
बिल्लियों द्वारा खरोंचने से बैक्टीरियल इंफेक्शन फैल सकता है जो कई बीमारियां फैलाता है।

थोड़ी दूरी भी जरूरी

पशुरोग चिकित्सक डॉ. तपेश माथुर के अनुसार एक सीमा तक पालतू जानवर के साथ आपका लगाव ठीक है लेकिन उसकी एवज में अपने सुरक्षा के घेरे को ना तोडें। उन्हें बेड, सोफे, कुर्सी या किचन आदि में ना बिठाएं इससे संक्रमण होने की आशंका ज्यादा रहती है। छोटे-बच्चे अक्सर डॉगी के मुंह में हाथ डालते हैं, खाना खिलाते हैं या दुलारते हैं, ऐसा करने पर बच्चे के हाथ जरूर धुलवाएं। जब भी आपका पैट बाहर से आए तो उसे गीले कपड़े से पोछें या पानी से उसके पैरों को धो दें।

सावधानी से पालें पैट्स

पालतू जानवरों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए ये सावधानियां बरतें -
पैट की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। उन्हें दस्ताने या मास्क पहनकर नियमित रूप से नहलाएं।
शुरू से ही बाहर ले जाकर मल-मूत्र त्याग करने की आदत डालें। इसके लिए उन्हें अपने साथ मॉर्निंग एवं ईवनिंग वॉक पर ले जाएं। अगर घर में जानवर ने मल-मूत्र कर दिया है तो तुरंत सफाई करें।
पशु-चिकित्सक से नियमित अंतराल पर पैट की सेहत चेक करवाएं। डॉक्टर की राय से एंटी बैक्टीरियल लोशन का प्रयोग करें।


पालतू जानवर का आवश्यक टीकाकरण जरूर करवाएं।
पैट के पिंजरे या रहने के स्थान को साफ-सुथरा रखें।
घर के सभी सदस्य भोजन करने से पहले अच्छी तरह हाथ जरूर धोएं।
उसके आसपास की जगह में , हाइजीन मैंटेन रखें।

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