google.com, pub-5031399508792770, DIRECT, f08c47fec0942fa0 गठिया, मधुमेह के मरीजों का जीवनसाथी से झगडऩा नुकसानदेह - Ayurveda And Gharelu Vaidya Happy Diwali 2018

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गठिया, मधुमेह के मरीजों का जीवनसाथी से झगडऩा नुकसानदेह

गठिया और मधुमेह से पीडि़त लोग यदि अपने जीवनसाथी के साथ झगड़ते हैं तो इससे उनका शारीरिक कष्ट और बढ़ सकता है। यह बात एक शोध के आधार पर कही गई है। 'एनल्स ऑफ बिहैवियोरल मेडिसिन' में प्रकाशित शोध के नतीजों के अनुसार, गठिया और मधुमेह से पीडि़त बुजुर्गों के दो अलग-अलग समूहों के मरीजों में जिन्हें अपने जीवनसाथी को लेकर ज्यादा तनाव महसूस होता था, उनकी तकलीफें ज्यादा बढ़ी हुई पाई गईं।

शोध के सह-लेखक व अमरीका स्थित पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर लीन मार्टायर ने कहा, शोध के नतीजों से हमें यह जानने को मिला कि शादी से किस प्रकार स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। खासतौर से गठिया और मधुमेह जैसे रोगों से पीडि़त मरीजों को यह जानना आवश्यक है।

शोधकर्ता ने बताया कि घुटनों की हड्डियों के रोग से पीडि़त मरीज बहुत जल्द अपंग बन जाते हैं और अनियंत्रित मधुमेह से पीडि़त मरीजों को ज्यादा खतरा बना रहता है। शोधकर्ता ने अपने अध्ययन में घुटनों में गठिया रोग की शिकायत वाले 145 मरीजों के एक समूह को शामिल किया, जिसमें उनके जीवनसाथी भी शामिल थे। इसके अलावा दो प्रकार के मधुमेह से पीडि़त 129 मरीजों का एक दूसरा समूह बनाया।

दोनों समूहों के प्रतिभागियों की दिनचर्या में उनके मूड, उनकी तकलीफें और उनके जीवनसाथी की प्रतिक्रियाओं को दर्ज किया गया। गठिया व मधुमेह के रोगियों ने क्रमश: 22 और 24 दिनों तक अपनी दिनचर्या लिखी। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिस दिन मरीज अपने जीवनसाथी को लेकर तनाव में होते थे, उस दिन उनका मूड खराब रहता था और उनमें रोग के लक्षण की गंभीरता भी बढ़ जाती थी।



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गठिया, मधुमेह के मरीजों का जीवनसाथी से झगडऩा नुकसानदेह

गठिया और मधुमेह से पीडि़त लोग यदि अपने जीवनसाथी के साथ झगड़ते हैं तो इससे उनका शारीरिक कष्ट और बढ़ सकता है। यह बात एक शोध के आधार पर कही गई है। 'एनल्स ऑफ बिहैवियोरल मेडिसिन' में प्रकाशित शोध के नतीजों के अनुसार, गठिया और मधुमेह से पीडि़त बुजुर्गों के दो अलग-अलग समूहों के मरीजों में जिन्हें अपने जीवनसाथी को लेकर ज्यादा तनाव महसूस होता था, उनकी तकलीफें ज्यादा बढ़ी हुई पाई गईं।

शोध के सह-लेखक व अमरीका स्थित पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर लीन मार्टायर ने कहा, शोध के नतीजों से हमें यह जानने को मिला कि शादी से किस प्रकार स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। खासतौर से गठिया और मधुमेह जैसे रोगों से पीडि़त मरीजों को यह जानना आवश्यक है।

शोधकर्ता ने बताया कि घुटनों की हड्डियों के रोग से पीडि़त मरीज बहुत जल्द अपंग बन जाते हैं और अनियंत्रित मधुमेह से पीडि़त मरीजों को ज्यादा खतरा बना रहता है। शोधकर्ता ने अपने अध्ययन में घुटनों में गठिया रोग की शिकायत वाले 145 मरीजों के एक समूह को शामिल किया, जिसमें उनके जीवनसाथी भी शामिल थे। इसके अलावा दो प्रकार के मधुमेह से पीडि़त 129 मरीजों का एक दूसरा समूह बनाया।

दोनों समूहों के प्रतिभागियों की दिनचर्या में उनके मूड, उनकी तकलीफें और उनके जीवनसाथी की प्रतिक्रियाओं को दर्ज किया गया। गठिया व मधुमेह के रोगियों ने क्रमश: 22 और 24 दिनों तक अपनी दिनचर्या लिखी। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिस दिन मरीज अपने जीवनसाथी को लेकर तनाव में होते थे, उस दिन उनका मूड खराब रहता था और उनमें रोग के लक्षण की गंभीरता भी बढ़ जाती थी।

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